उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान, जबलपुर में अल्पावधिक प्रशिक्षण का संचालन

उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान, जबलपुर की स्थापना 1973 में वन अनुसंधान संस्थान एवं महाविद्यालय, देहरादून के तहत एक क्षेत्रीय वन अनंसधान केन्द्र के रूप हुई जिसका समूचे भारतवर्ष में वानिकी विकास क्षेत्र में उभरती हुई समस्याओं के साधान हेतु अनुसंधान एवं तत्संबधित उन्नत शिक्षा प्रदान करने के उद्येश्य से 1988 में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून के नाम से पूनर्गठित स्वायत्त परिषद के तहत एक पूर्ण विकसित संस्थान के रूप में उन्नयित किया गया ।  इस संस्थान का परिवेश 109 हेक्टर में फैला हुआ है जिसमें वानिकी क्षेत्र के विभिन्न पहलुओ पर विस्तृत अनुसंधान एवं शिक्षा प्रदान करने हेतु विविध प्रयोगशालाएँ, संस्थान के सेवार्थियों के लिए रिहायशी परिवेश एवं उनके आश्रित बाल वर्ग के लिए उन्नत शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु केन्द्रीय विद्यालय, वैज्ञान्िाक आवास, शोधछात्रों के लिए छात्रावास, संस्थान के अध्ययन यात्रा पर आये अतिथियों के रहने हेतु विश्राम गृह आदि सुविधाएँ युक्त है ।  इसके साथ-साथ संस्थान के मुख्य परिवेश से केवल 8 किलोमीटर दूरी पर ही 300 हेक्टर प्रयोगात्मक वनक्षेत्र उपलब्ध है ।

वानिकी अनुसंधान का अद्यतन साहित्य उपलब्ध कराने हेतु संस्थान ने एक पुस्तकालय सह सूचना केन्द्र निर्मित किया है ।  प्रायोगिक उपकरण एवं वाहन की देखभाल हेतु संस्थान की  अपनी स्वयं सेवा शाखाएँ है ।  संस्थान के परिवेश के भीतर दूरसंचार सेवा प्रदान करने हेतु एक लघु दूरसंचार विनियम केन्द, डाकघर एवं दवाखाना है  ।  संस्थान के प्रयोगशालाओं में वानिकी क्षेत्र से संबंधित अनुसंधान समस्याओं के समाधान हेतु समर्थ प्रौढ़ विश्लेषनात्मक प्रयोग उपकरण उपलब्ध है ।  संस्थान के समस्त अनुसंधान प्रभाग को वानिकी सूचना के डाटा विश्लेषण एवं रेप्रोग्राफी संकलित संगणकयंत्र उपलब्ध किये है ।   संस्थान ने वृक्ष काष्ठिका एवं ऊतक स्तर पर आकारिकीय परीक्षण कार्य हेतु एसईएम, पौधों में ट्रेस एलेमेंट एवं भारी धातुओं के मात्रा का ठहराव का पता लगाने के लिए परमाणु अवशोषण स्पेक्ट्रोमीटर, वृक्ष के आर्थिक एवं शरीरक्रियात्मक मूल्य के माइमोलेक्युल्स की पहचान एवं प्रमात्रीकरण के लिए जीसी/एचपीएलसी निर्मित किया है । प्रयोगशाला उपकरण के नए अतिरिक्त उपकरणों में एएफएलपी, थर्मल साइक्लर, अल्ट्रा सेंट्रीफ्युज एवं डीप फ्रीजर शामिल है ।

प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का शुल्क

एसटीटीसी प्रशिक्षण की शुल्क (भोजन तथा आवास खर्च सहित) प्रति प्रतिभागी  रू. 3000/- है ।

 

क्र.सं.

प्रशिक्षण का शीर्षक

प्रभाग का नाम

अप्रैल

मई

जून

जुलाई

अगस्त

सितम्बर

अक्तूबर

नवम्बर

दिसम्बर

1

बीज प्रौद्योगिकी

वन संवर्धन एवं जेएफएम

 

9-10

 

 

 

 

 

 

 

2

पौधशाला एवं

वनरोपण प्रौद्योगिकी

वन संवर्धन एवं जेएफएम

 

 

27-28

 

 

 

 

 

 

3

मध्य भारतवर्ष के वनवासि एवं देहाती जनसमुदाय का मानवजाति वनस्पति विज्ञान

जैवविविधता एवं

धारणीय प्रबंधन

 

 

 

 

 

13-14

 

 

 

4

जैवविविधता संरक्षण 

जैवविविधता एवं धारणीय प्रबंधन

 

22-23

 

 

 

 

 

 

 

5

 क्लोनल प्रवर्धन

वृक्ष अनुवशिकी एवं

वनरोपण प्रवर्धन

10-12

 

 

 

 

 

 

 

 

6

वृक्षों का आनुवशिकी संशोधन

वृक्ष अनुवशिकी एवं वनरोपण प्रवर्धन

 

 

12-13

 

 

 

 

 

 

7

अण्विक यंत्र विश्लेषण

वृक्ष अनुवशिकी एवं वनरोपण प्रवर्धन

 

 

 

12-13

 

 

 

 

 

8

कृषिवानिकी

 कृषिवानिकी

24-25

 

 

 

 

 

 

 

 

9

बंजर भूमि का     पारि पुनःस्थापन

पारिस्थिकीय एवं पुनर्वासन

 

 

 

 

 

 

 

20-22

 

10

 पौधशालाओं में नाशिकीटकों का प्रबंधन

वन कीटविज्ञान  

 

 

 

25-27

 

 

 

 

 

11

रोपित वनों  में नाशिकीटकों का प्रबंधन

वन कीटविज्ञान  

 

 

 

 

 

 

8-10

 

 

12

औषधीय एवं इत्रसाजी रोपणों का संरक्षण एवं उपयोगिकरण

वन कीटविज्ञान  

 

 

 

 

22-24

 

 

 

 

13

 जैव ईंंधन उत्पादन की रणनीतियाँ संक्रिया एवं विकास

 अकाष्ठ वन उत्पाद

 

 

 

 

 

 

 

13-15

 

14

जैवउर्वरक

 वन रोग विज्ञान

 

 

 

 

 

 

10-11

 

 

15

छत्रक खेती

वन रोग विज्ञान

 

 

 

 

 

 

 

 

4-6

मुख्य पृष्ठ